Coronavirus: संकट की इस घड़ी में जाति-धर्म भुलाकर लोग दे रहे है मानवता का परिचय

चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ Corona virus का संक्रमण भारत में तेजी से बढ़ता जा रहा है।लेकिन संकट की इस घड़ी में समाज में लोगो के बीच एकता झलक रही है,एवम मानवता के गुण भी दिखने को मिल रहा है।

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 आपको बता दे कि corona virus से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च को 21 दिनों के  लिए लॉकडाउन की घोषणा की है।जिसमे लोगों को घरों में ही रहने को कहा गया है और social distancing बनाये रखने को कहा गया है।
दरअसल , लॉकडाउन के दौरान लोगों को तमाम परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है ,लेकिन अच्छी बात ये है कि इस विकट परिस्थिति में लोग जाति-धर्म भुला कर एक-दूसरे की मदद कर रहे है।

आइये आपके बताते है कुछ उदाहरण

1.लॉकडाउन में घर से नहीं निकलना है जिससे  UP में एक आदमी की मृत्यु होने पर शव को कंधा देने उसके रिश्तेदार नहीं पहुँच पाए तो गांव के मुसलमानों ने अर्थी को अंधा देकर अंतिम संस्कार किया जो कि भारतीय अनेकता में एकता का परिचय है,जो चरितार्थ करता है कि भारत एक महान देश है जहां हिन्दू-मुस्लिम सिख इशाई सब भाई-भाई है।
2.Bihar में गाँव के लोग लॉक डाउन में लोग जाति धर्म के भेदभाव को भुलाकर एक-दूसरे का मदद करते नजर आ रहे है .आपको बता दे कि गाँव में कृषि अत्यधिक मात्रा में होती है जिनका सब्जी का उपज है वे कम कीमत में साफ-सफाई से लोगों को सब्जी दे रहे है वही जो गरीब है उनको मुफ्त या उधार दे रहे है।इतना ही नहीं बहुत से गरीब परिवार जिसके यहां राशन उपलब्ध नहीं उनको राशन देकर भी लोग मदद कर रहे है।इसी का तो नाम है मानवता जो की संकट की घड़ी में लोग निभा रहे है। ऐसी विकट परिस्थिती से भारत तभी जीतेगा जब देशवासी अपने घरों में रहकर जरूरतमंदों का सहायता करें ताकि इस संकट में कोई गरीब , मजदूर या दिव्यांग भूखा न मरे।
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