1264 करोड़ रुपये की लागत से दरभंगा में बनने वाला बिहार का दूसरा एम्स, चार साल में बनेंगे 750 बेड का अस्पताल

1264 करोड़ रुपये की लागत से दरभंगा में बनने वाला बिहार का दूसरा एम्स, चार साल में बनेंगे 750 बेड का अस्पताल

विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले बिहार से केंद्र को उपहार मिलने की प्रक्रिया चल रही है। मंगलवार को नरेंद्र मोदी कैबिनेट ने बिहार के लोगों को एक और तोहफा दिया। दरभंगा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) स्वीकृत। इसके साथ ही बिहार में पटना के बाद दूसरा एम्स बनने का रास्ता साफ हो गया है।

दरभंगा एम्स 750 बेड का होगा। 1264 करोड़ रुपये की लागत से एम्स लगभग 48 महीनों में तैयार हो जाएगा। दरभंगा एम्स में, एमबीबीएस की 100 सीटें, बीएससी नर्सिंग की 60 सीटें रखी गई हैं। इसमें 15 से 20 सुपर स्पेशियलिटी विभाग भी होंगे। इसका निर्माण प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत किया जाएगा। केंद्रीय वित्त मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2015-16 के बजट भाषण में दरभंगा एम्स की घोषणा की थी। एम्स के गठन से लगभग 3000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है।

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डायरेक्टर के एक पद सृजन को भी मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दरभंगा एम्स के लिए निदेशक के पद के सृजन को भी मंजूरी दे दी है। डायरेक्ट के लिए मूल वेतन 225000 रुपये निर्धारित किया गया है। आवंटन आदि तय किए गए हैं, 237500 रुपये से अधिक नहीं।

वित्त मंत्रालय ने 25 अगस्त को ही 1264 करोड़ की दी थी मंजूरी
वित्त मंत्रालय ने पहले ही दरभंगा में एम्स के निर्माण पर खर्च किए जाने वाले 1264 करोड़ रुपये को मंजूरी दे दी थी। 25 अगस्त को केंद्रीय वित्त सचिव की अध्यक्षता में व्यय वित्त समिति की बैठक में, वित्त मंत्रालय ने स्वास्थ्य मंत्रालय की प्राथमिक परियोजना रिपोर्ट पर मुहर लगाकर अनुमानित राशि को मंजूरी दी। प्राथमिक परियोजना की रिपोर्ट के अनुसार, दरभंगा एम्स 750 बेड का होगा और इसके निर्माण कार्य पर 1264 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है।

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उत्तर बिहार के लोगों को होगा फायदा
दरभंगा एम्स के बनने से न केवल उत्तर बिहार के लोगों को बल्कि नेपाल को भी फायदा होगा। विशेष रूप से बेतिया से कोसी और सीमांचल से सहरसा, सुपौल और पूर्णी के लोग स्वास्थ्य क्षेत्र में लाभान्वित होंगे। उत्तर बिहार के लोगों की पटना पर निर्भरता कम होगी।

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